RSTV Vishesh - 19 June 2019: Joint Sitting of Parliament | संयुक्त बैठक

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  • Published on Jun 19, 2019
  • हमारे संविधान में संसद की व्यवस्था ही गई है। संविधान के मुताबिक संघ के लिए एक संसद होगी, जो राष्ट्रपति और दो सदनों यानि लोक सभा और राज्य सभा से मिलकर बनेगी। भारतीय संसद, लोकतंत्र की मज़बूत इमारत है। दरअसल संसद में कई महत्वपूर्ण काम होते हैं जैसे कार्यपालिका का नियंत्रण, सभी महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक नीतियों पर विचार विमर्श, और क़ानून बनाना बात जब क़ानून बनाने की आती है तो इसके लिए विधेयक पेश किए जाते हैं और ये विधेयक तभी क़ानून का रूप ले पाते हैं जब संसद के दोनों सदनों की सहमती के बाद राष्ट्रपति उस पर अपनी मंजूरी दे दें। पर कभी-कभी कुछ बेहद महत्वपूर्ण विधेयक संसद के किसी भी एक सदन में लंबे समय तक विचाराधीन रह जाते हैं या दोनों सदनों में विधेयक पर असहमति की वजह से उनपर फैसला नहीं लिया जाता। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए हमारे संविधान में संसद की संयुक्त बैठक का प्रावधान किया गया है। जब कभी दोनों सदनों में किसी विधेयक के पारित होने को लेकर गतिरोध की स्थिति पैदा हो जाती है तब राष्ट्रपति की ओर से उस गतिरोध को दूर करने और विधेयक को पारित कराने के लिए संयुक्त बैठक के लिए अधिसूचना जारी की जाती है। जिसमें विधेयक को पारित कराया जाता है। भारत के संसदीय इतिहास में अभी तक ऐसे बहुत कम मौके आए हैं जब संसद में अटके विधेयकों को पास कराने के लिए संयुक्त बैठक बुलाई गई हो। आज विशेष के इस अंक में बात करेंगे संयुक्त बैठक और राष्ट्रपति के अभिभाषण की, समझेंगे विधेयकों पर गतिरोध की स्थिति में कैसे संयुक्त बैठक कार्य करती है, साथ ही साथ अब तक हुई संयुक्त बैठकों के इतिहास पर भी डालेंगे नज़र...
    Anchor - Vaibhav Raj Shukla
    Producer - Rajeev Kumar, Ritu Kumar, Abhilasha Pathak
    Production - Akash Popli
    Reporter - Bharat Singh Diwakar
    Graphics - Nirdesh, Girish, Mayank
    Video Editor - Pitamber Joshi, Vaseem Khan, Chandan Kumar

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